पोस्ट थोड़ा बड़ी है आराम से पढ़ लेना प्लीज आपको हंसी भी आएगी और घनघोर गुस्सा भी आएगा पर प्लीज एक बार पढ़ लेना।
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बल फेसबुक पर हम सब क्या परोस रहे हैं? उन्हीं बिंदुओ पर बात करूंगा।
वैसे तो बहुत सारे लोग हैं जो पहाड़ की संस्कृति के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। हमारी धरोहर और संस्कृति को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाने में निरंतर प्रयासरत हैं। और भी बहुत सारे लोग है उन सभी का दिल की गहराइयों से स्वागत। परंतु सच बताऊं तो मैं जानता नहीं हूं, ज्यादा लोगों को। एफबी पर मैं जिन आदरणीय हस्तियों को को जानता हूं:-
भीष्म कुकरेती:
सर जी को मैं लगभग 2010 या थोड़ा आगे पीछे हो सकता है जानता हूं ओन्ली फेसबुक के हिसाब से इससे ज्यादा नहीं। और न कभी मैं इनसे मिला हूं। यह हमारे सर जी निरंतर पहाड़ के लिए काम कर रहे हैं और शायद उम्र 68 के होंगे इस समय में है और जसपुर पौड़ी गढ़वाल से हैं।यह जानकारी भी में उनके प्रोफाइल इंफो के हिसाब से बता रहा हूं। जबरदस्त पोस्ट डालतेl रहते है अपने पहाड़ की। इन्होंने कई बुक्स भी लिखी हैं पहाड़ी भाषा में।
जहां लोगों को किसी से मतलब नहीं है, वहां आदरणीय सर जी मेट्रो सिटी में बैठ कर भी सिर्फ़ अपने पहाड़ के लिए सोचते हैं ग्रेट सर जी। इनकी कई बातें हैं ओनली पहाड़ी में या यूं कहूं निराट पहाड़ी। मेरी नजर में यह पहाड़ी विकिपीडिया है damn sure Botany से M.Sc. किया हुआ है। यह बात बिल्कुल साफ है कि में इन्हे एफबी के हिसाब से जानता हूं। लेकिन जब कभी मुझे इनकी कोई पोस्ट पढ़ने का मौका मिलता है तो पढ़ता हूं। इनकी रख्वाली, पहाड़ी गाली, घात, जेकार, उचानु, मसान पुज्ये, चौक, उर्खाला, सागवाड़ा, तिवारी, डिंदला, ओबरा मजुला निमदरी शाली, पंदेरा, कोरा, पुंगदा अर पता नी क्या क्या। सर जी ने कुछ नहीं छोड़ा और सच कहूं तो कुछ कुछ मेरे भी सर के उपर (OHD) से हो जाता है सच्ची में ये कुमाऊ क्षेत्र के है मे बी। पर यह भी बता दूं आपको कि प्रत्येक पोस्ट नहीं पढता हूं सच बोलता हूं मैं तो। मैं आपसे शायद म्यार पहाड़ ग्रुप से जुड़ा हूं। यहां पर थोड़ा ट्विस्ट है।
अनुभव उपाध्याय मेरे एक्स बॉस
इस ग्रुप के जो मॉडरेटर या को - मॉडरेटर हैं, वह मिस्टर अनुभव उपाध्याय जी, जो सल्ट कुमाऊ क्षेत्र के है। और मजेदार बात कि दिल्ली में मेरे एक्स बॉस रह चुके हैं। यह भी बिंदास बंदे हैं, इनके साथ तो बहुत अच्छा टाइम स्पेंड किया फुल्टूस मस्त बंदे। ये ठहरे घुमकड़ पूरे पहाड़ और इंडिया घूमे होंगे विथ फैमिली। इस समय नोएडा में अच्छी पोस्ट पर सर्विस कर रहे हैं दिल से पहाड़ी। एक्स बॉस तो आज भी मेरे व्हाट्सएप पर हैं 🤣 और लगभग डेली बात होती है। और कुछ पूछना हो तो इनको बहुत परेशान करता रहता हूं मैं एक्सपर्ट ऑपिनियन के लिए बात बात पर। पर दाज्यू जब आप ब्लॉग को पढ़ रहे होंगे तो मुझे जरूर याद करेंगे🤔। आपकी वह बात हमेशा याद रहती है मुझे कि किसी भी इंसान की रेस्पेक्ट दिल से होती है दिखावे के लिए नहीं। थैंक्स एक्स बॉस एंड दाज्यू।☺️
डॉ राकेश भट्ट उर्फ़ भेजी
दुनिया के लिए आप डॉक्टर राकेश भट्ट है और मेरे और मेरे दोस्तों के लिए आप बल सिर्फ डॉ राकेश भट्ट उर्फ़ भेजी उर्फ़ पहाड़ी गूगल। संपूर्ण ज्ञान कू भंडार धन्य हैं आप। 1997 से आज दिन तक जब भी मुझे टाइम मिलता है तब तब सुनता हूं आपको। अब यह भी नहीं कहूंगा कि हर पोस्ट पढ़ता हूं और तुरंत कॉमेंट्स करता हूं सीधी बात जब मुझे टाइम मिलता है तब देख लेता हूं। आप लोगों पर लिखने का मन इसलिए किया कि आपने कल रात यह बोलकर मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि मैं छोटा मोटा कलाकार हूं भेजी आप पहाड़ी गूगल हो और ढोल सागर के स्पेशलिस्ट हो। आपने ये बात बोली और मुझे भी थोड़ा गुस्सा आ गया और लिख दिया आप पर ही।
सबसे बड़ी बात आप हमारे भेजी हैं। भेजी बोलने वाले में कौन-कौन होता है? वैसे आपके साथ तो रिश्ता हमारा कुछ और भी है श्रीनगर डाक बंगले वाला। मेरे सारे दोस्तों को आप जानते हैं मेरे दोस्तों मैं स्वयं राजेन्द्र सिंह पंवार और मेरा पार्टनर संतोष राणा, पड़ोसी दीपक सेमवाल, अंशुमान प्रजापति भंडारी निवास, मदन चमोला विवेक डिमरी और हमारे पंडित जी प्रकाश भट्ट और भी होंगे अभी याद नहीं आ रहे। में तो आपके तीनो भाइयों के नाम भी जानता हूं कैलाश भाई, संजय भाई हमारे क्लासमेट और छोटा भुल्ला नंदू इसके अलावा मामू, बॉबी भाई, सुमीत भाई, राजेश भाई सब को जानता हूं। आपके साथ दिल के रिश्ते भी है और फेसबुक का रिश्ता भी है सच बताऊं यह जरूरी नहीं है कि मैं आपकी हर पोस्ट पर लाइक और कमेंट करू जब मुझे टाइम मिलेगा मैं करूंगा। आप मझे हुए कलाकार है यह सारा पहाड़ जानता है और मैं आपसे विनती करना चाहता हूं कि आप एक संवाद (Webinar) करें और फेसबुक के महत्व को बताएं हमारे पहाड़ के लिए क्योंकि आप तो महान महान महान अर निशब्द छो भेजी। आप जैसे लोग ही इस फेसबुक का खंडन कर सकते हैं। सबको समझा सकते है अपने Webinar में कि हम एफबी या सोशल मीडिया पर समाज को क्या परोसें?
मेरे जैसे गांव के आदमी के 2-3 प्रश्न है फेसबुक से इनको भी एक्सर्पट्स से आप रख लेना:
1. फेसबुक पर जब हम कोई पोस्ट करते हैं तो हम अपनी फीलिंग्स बताते हैं जैसे कोई बोलता है कि आई एम लाफिंग विथ अलाणा कोई बोलता आई एम थिंकिंग अबाउट फलाना वहां पर अगर कस्टम का बटन हो तो हम अपनी फीलिंग्स पहाड़ी में बता सकते हैं ना।
फॉर एग्जांपल "में नचनू तिमला पत्तों मा जन मधु पंवार मेरी वाइफ दगदी, मि आज भोट थकुं छो अमित पंवार दगड़ी (हमारे वार्ड मेंबर जिन्हें गांव में इनके अच्छे कामो के लिए सर जी बोलता हूं), मी सोच्नू छो 🤔 के दगदी उगेरा वगेरा।"
It should customised button feeling/activity manually?
कोई कर सकता है तो बता दो प्लीज में तो कर नहीं पाया।आभारी रहूंगा।
2 वैसे इसमें भी तीन बटन होने चाहिए लाइक, डिसलाइक और कमेंट का। क्योंकि यूट्यूब सोशल साइट पर हम सब को तीन बटन दिखते है जैसे उधर किसी संत वाणी, किसी भी गाने और भगवान के वीडियो के नीचे भी 3 बटन होते है तो उसमें लाइक, डिसलाइक और कमेंट भी आते हैं। बल भगवान जी भी 👍👎
ऐसी व्यवस्था नंबर वन साइट एफबी पर होनी चाहिए।
3. वैसे तो एफबी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यूज होता है यह मैं पक्का जानता हूं।
क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से वो हमारी फीलिंग पकड़ लेता है कि हमें कौन सी पोस्ट पसंद है। उसी से रिलेटेड पोस्ट हमारे आस पास घूमती है। थोड़ा डिप्ली बात की जाए एक्सपर्ट्स से प्लीज़। अर परिभाषा मा बथोंदा कि कंप्यूटर कू क्वी दिमाग नी होंडू ऊ हमारा इंस्ट्रक्शन पर चल्डू।🤔
लेकिन इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बहुत बड़ा योगदान है। अच्छा यू क्या वे?
4. कुछ लोग दिन भर किसी मंत्री, मंदिर, rubbish सीजनल चुटकुलों पर या आजकल के Hot cake Covid-19 के नेशनल और इंटनेशनल एक्सपर्ट बने रहते हैं। और कुछ तो एक कदम आगे अमेरिका रूस कू बजट बनोना एक्सपर्ट भी छीन। पर सिर्फ आफू ते नी देखना।
5 देश के सभी गांवों के प्रथम प्रथम नागरिक आई मींस प्रधानों या लोकल जनप्रतिनिधि की तो खैर नहीं आजकल। ये नहीं हुआ वो नहीं हुआ मेरा सवाल भाई तुमने कुछ किया अपना स्व आंकलन करना चाहिए।
जब हमने भगवान तक को मास्क पहना दिया तो सोचो बल हम तो वह इंसान है। खाली पीली शेयरिंग करते रहते हैं अपना कुछ नहीं लिखते है बल हाथ घिसते है वहीं के बने बनाए gif और स्माइली डाल देते है ये परोस रहे हम सोशल मीडिया पर। 24 घंटे में से आधा टाइम तो इसी तरह स्पेंड करते है लेकिन आज तक समझ नहीं पाए फेसबुक किस लिए बना है मैं तो इसे फेसबुक नहीं फेस बुक्ड बोलता हूं सब फिक्स्ड है। क्योंकि मैंने देखा है जब भी कोई पोस्ट डालता हूं उसमें सिर्फ अपने आगे आते है जैसे मेरी बहने मेरे रिश्तेदार, मेरे मौसी जी मेरे खास दोस्त। वरना हमारी लंबी चौड़ी पोस्ट ऐसे पड़ी रहती है कई दिनों तक बल हमारी घनघोर बेज्जती🤣।
कहीं हम श्रृंक परिवारवाद अर्थात सिकुड़ना या यूं कहें नेपोटिज्म का शिकार तो नहीं हो रहे सोचनीय🤔
इस फेस बुक्ड को भी पता नी चला कि हम ता छीन ठेठ पहाड़ी खाली स्पेशल मौकों पर डीपी लगाने से कुछ नहीं होता है अंदर से फीलिंग भी आनी चाहिए चाहे तुम दुनिया के किसी भी छोर पर बैठे हो। सोचता हूं शायद मैं ही गलत हूं लेकिन करूं क्या डॉ राकेश भट्ट उर्फ़ भेजी मैं तो ऐसा ही हूं और चाहता हूं हमारी फिलिंग्स क्या बोलती है हमें वह करना चाहिए बस हम समाज को क्या परोस रहे हैं क्या सीख रहे हैं इस बात की चर्चा होनी चाहिए और हान मेंने अंडर फ्रीडम ऑफ स्पीच रूल के हिसाब से बोला। कृपया ये मेंने सेल्फ अनालिसिस किया और लिख दिया अन्यथा ना ले ये मेरी पर्शनल राय है।👏🏼
और आप से बेहतरीन कोई नहीं बता सकता है इस पर मैं चाहता हूं कि आप इन मुद्दों को मेरी तरफ से भी रखें इतना कर दोगे तो कुछ नया सीखने को मिलेगा।
इस पर आप एक जबरदस्त वेबीनार करो, जहां पर पहाड़ी गूगल और पहाड़ी विकिपीडिया का फ्यूजन होगा मा कसम मजा ए जोलु। भीष्म कुकरेती सर जी में सिर्फ आपको एफबी से जानता हूं और दिल से सिमन्या🥰👏💐 आप गर्मजोशी से स्वीकार कर्यां वान।
मैंने इतना ही सीखा इस फेसबुक से छोटे-छोटे प्रश्न बहुत सारे हैं। भेजी पता है मैं तो गंवार हूं गांव का आदमी हूं मैं ज्यादा जानता नहीं हूं बस अपना आंकलन आप जैसे लोगों से पॉजिटिव रहने की कला सीखी है। घनघोर दुखी वे ते किले रोन एक नई छीविं सिखाला। हमें अपने आप पर टाइम स्पेंट करना चाहिए अच्छी बातों से अपना श्रीजन। आप लोगों के नीचे रह कर बहुत कुछ सीखा है हमने में तो हर एक बंदे से सीखता हूं। लव यू ऑल। आपकी कृपा हो रही है हम पर, आपको पता ही नहीं है। 🥀👏🏼😊
भूल चूक के लिए क्षमा प्रार्थी!
राजेंद्र सिंह पवार
👏👏👏👏🙏🙏
ReplyDelete👌👌
ReplyDeleteRajendra bahut achha likha khaali isliye nahi kah raha hun kyunki mere baare main achha likha. Aapne abhi 3 hi vyaktion ka zikra kia hai lekin main ab tak kai aisi hastiyon se mil aur vartalaap kar chuka hun jinhone myor pahad ke liye bahut kuch kia.
ReplyDeleteDil jeet liya dajyu aur mere pyare ex boss🙏
Deleteबहुत सुंदर चाचा जी पढ़कर दिल खुश हुआ आप में इतनी पॉजिटिव एनर्जी कहां से आती है इतनी हर किसी में आ जाए
ReplyDeleteसस्पेंस सर जी यही है हमारे वार्ड मेंबर सर जी।
Deleteजी कोटि कोटि धन्यवाद . मेरा सौभाग्य मैं पहाड़ का कर्ज उतारने में सफल हूँ . आप मेरे Evangelist हैं थोडा सुधर कर लीजिये - मैं जसपुर , पौड गढवाल का हूँ . अभी ६८ में चल रहा हूँ thanks again
ReplyDeleteJi sir meine करेक्ट कर दिया। मा कसम मजा आ गया कमेंट देखकर🙏🥰🥀मेरा फैक्बुकिया रिश्तेदार।
Deleteबहुत शीघ्र एक लेख आपकी इस पूरी व्याख्या के ऊपर।
ReplyDeleteये वादा
स्वागत अगर मेरे दिल में छाए तो वरना कन्फर्म facebooked
Deleteराजेन्द्र जी पहली बॉल पर ही सिक्स मार दिया।बेहतरीन ।जलन हो गई आपसे आप पर इतने कम समय मे इतने कमेंट आने लगे मतलब लोग ब्लॉग को रिस्पॉन्स दे रहे है।भविष्य के सफल ब्लॉगर को अग्रिम शुभकामनाएं।
ReplyDeleteजितेंद्र शर्मा
Mere फेसबुकिया रिश्तेदार घोर क्रिटिक्स मुझे इज्जत नहीं बेजत्ती पसंद है।🥰🙏
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