आज टीचर्स डे है और ना चाहते हुए ब्लॉग लिखने पर मजबूर हुआ हूं। अगर नहीं लिखता हूं तो मेरी जिंदगी में आए सभी गुरुओं का घोर अपमान होगा जो कि मुझे मंजूर नहीं है। इसलिए आज से ब्लॉग लिखना शुरु कर रहा हूं।
मैं अपने सभी सीनियर्स से माफी चाहूंगा, क्योंकि उन्होंने मुझे यह सब लिखने से मना किया था यह सही भी था, लेकिन मेरा मन कहता है की तुम गलत हो तुम्हें लिखना ही होगा।🙏
मुझे अपनी जिंदगी में आए सभी गुरुओं के सम्मान में इतना ही लिखूंगा कि गुरुजी कोई भी हो सकता है🤔 गुरुजी की कोई सीमा नहीं है वह चाहे तो प्राणी, पक्षी, जानवर या इंसेक्ट्स कोई भी हो सकता है। जिसमें भी प्राण है वह आपकी जिंदगी का गुरुजी हो सकता है। यह तय हमें करना है कि हम किससे क्या ले सकते हैं?
मेरी नजर में, प्रत्येक इंसान (सफाई कर्मी से लेकर और उच्च कोटि के गुरुओं) तक कुछ ना कुछ सीखा जा सकता है। मेरा प्रत्येक के लिए सुप्रीम सम्मान है।🥰 इसलिए मैं अपने आप को धन्य मानता हूं कि मैंने हर पशु, पक्षी, इंसान एवं इंसैक्ट्स सभी से कुछ ना कुछ सीखा है, सीखता हूं और सीखता रहूंगा। भले जिंदगी में कुछ भी बड़ा काम नहीं किया हो परन्तु जिंदगी कैसे जिएं यह सब सीखा है। यह सब गुरुओं से सीखा है। केवल गुरुकृपा से सारे कष्ट मिट सकते है। कोई गिला, शिकवा एवं शिकायत नहीं।
यही मैं कहना चाहता हूं आप और हम सब मिलकर आज प्रण ले कि अपनी जिंदगी में हर किसी से कुछ ना कुछ सीखना है। मुझे ब्रांडिंग पसंद नहीं है, इसलिए मैं किसी भी गुरुजनों का नाम नहीं बताऊंगा।
आगे पढ़ने के लिए आपको खुद ही मेरे ब्लॉग्स पढ़ने होंगे। क्योंकि में भी अपना प्रचार खुद कर रहा हूं जो कि गलत है। सिर्फ एक बार लिंक शेयर करूंगा।
गलती के लिए क्षमा प्रार्थी 🙏
राजेंद्र सिंह पवार, ऋषिकेश
986859957
Gajab
ReplyDeletesir, main aapke vicharon se bahut prabhavit hun. aapka pahla blog badh rha hu. aapne jo baat kahi hai uska matlab bahut gahra hai. uska mujh par bahut gahra prabhav pada hai. bilkul sahi hai ki hame shiksha har kisi se militi hai. dhanywaad. bhavishy me aise hi blog likhte rhen.
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