Friday, July 24, 2020

कोरोना विषाणू पर मेरा कुछ हल्का फुल्का सेल्फ अनालिसिस

कोरोना विषाणू पर मेरा कुछ हल्का फुल्का सेल्फ अनालिसिस:-

एक बात तय है कोरोना अभी नहीं जाएगा क्योंकि इसके लिए सिर्फ हम जिम्मेदार हैं और कोई नहीं एक्सप्लेन करता हूं।
कोरोना जब एक विश्वव्यापी महामारी है तो जाहिर सी बात है कि भारत भी इससे अछूता नहीं रह सकता था और हुआ भी यूं ही। इसलिए कोरोना भारत में आया यह एक constant है लेकिन कोरोना भारत से जल्दी चला जाए या ना जाए यह एक वेरिएबल है समझाता हूं अच्छे से।
जो कोरोना पूरे विश्व में आ रखा है वह भारत के कोने कोने में भी फैला। पर उसको फैलाया किसने? 🤔 उत्तर मिलता है कि हमने।

इसको कैसे कम कर सकते थे?

इसके बारे में हम सब एक दूसरे को बोलते रहे स्टे होम स्टे सेफ उगैरा-वगैरा। लेकिन क्या हमारे पैर घर में रुके अगर उत्तर मिलता है नहीं तो समझ लो आगे कितना रहेगा यह भी इसी से निकल जाएगा। हम कांस्टेंट को नहीं बदल सकते, I mean Corona. लेकिन वेरिएबल को आसानी से बदला जा सकता था जैसे मास्क पहनना, सैनिटाइजर का कम उपयोग लेकिन हैंड वॉश ज्यादा, घर में बैठना, हाइजेनिक खाना खाना, मेडिटेशन करना, कुछ नया स्किल डेवलपमेंट, spritiual development इत्यादि बहुत सी चीजें थी। पर इनमें क्या रखा बल खुटी भ्विं नी छीन केंगी भी 👀

हम तो day-1 से देख रहे हैं की लोगों ने तालियां और थालिया बहुत बजाई और बाद में गालियां भी बजाई। लोगों की मेंटालिटी को हमने खुद झेला है, परंतु हम चुपचाप अल्टरनेट डे पर अपना काम करते रहे और आगे भी करते रहेंगे वो भी चुपचाप।
और जिस दिन छुट्टी होती है उस दिन सिर्फ अपने घर में। मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है 120+ का। कि में सारे नियम को फॉलो करता हूं और करता रहूंगा और समझाता रहूंगा कि भैया अपने घर में रहो अच्छा करो, कुछ दान भी करो needy लोगों को उपर वाला डबलिंग में वापस कर देगा।
यह सब सवाल हम अपने आप से पूछें और सोशल मीडिया पर सिर्फ गो कोरना गो! कोरोना भाग! न करते रहै। यह बहुत जिद्दी है पक्का जाएगा नहीं जब तक हमने चाहा नहीं। अपने घरों में रहे फालतू किसी को ना दिखाएं कि हम कौन है? यह ऐसी बीमारी है कि छोटा बड़ा कुछ नहीं देखेगी सीधा लपेट लेगी।

निष्कर्ष:-

तू जिंदा है तू जिंदगी की जीत पर यकीन कर।
अगर हे कहीं स्वर्ग तो उतार का जमीन पर।

खो जाओ कुछ नया सीखने में बस एक कदम डेली।
आप मस्त रहो व्यस्त रहो प्रभु जी सब ठीक कर देंगे।

धन्यवाद एवम् क्षमा प्रार्थी

16 comments:

  1. Bilkul sahi bat hm sb sath milke ish mahamari se lad sakte h

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  2. हमें variable change करना है बस 😂
    Btw great approach mama ji

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  3. 👏👏👏 बहुत सुंदर🙏🙏

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  4. बहुत सुंदर विचार मगर यह स्वाभाविक है कि कोरोना अभी तो नही मगर जनवरी 2021 तक चला जायेगा ।

    मेरा मतलब है कि इलाज सम्भव हो जायेगा तब तक सब स्वस्थ रहे मस्त रहें ।।

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  5. Hello bhai ji, Good Initiative👍 keep doing intresting and informative content !

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    1. थैंक्स भुल्ला जहां समझा रहा था वहां समझ नहीं रहे थे मेंने ही अपना रास्ता बदल दिया क्या करूं मार्गदर्शन करें प्लीज

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  6. When there were no cases around we were more cautious and now when cases have increased we people have stopped following all the rules and move fearlessly.

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  7. Aap ne bahut achhi bat khi hai jo ki hr kisi ko smjna jaroori hai

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